शत रुद्रिय ( स्कन्द पुराण )
स्कन्द पुराण के अनुसार जो प्रतिदिन प्रात:काल उठकर शत रुद्रिय का पाठ करेगा, उस पर प्रसन्न हो भगवान शिव उसे सभी मनोवाच्छित वर प्रदान करेंगे। पृथ्वी पर इससे बदकर पवित्र दूसरी कोई भी वस्तु नहीं है। यह सम्पूर्ण वेदों का रहस्य है। शतरुद्रिय का पाठ करने पर मन, वाणी और क्रिया द्वारा आचरित समस्त पापों का नाश हो जाता है। जो शतरुद्रिय का जप करता है, रोगातुर हो तो रोग रोग से छूट जाता है, कारागार में बंधा हुआ हो तो बंधन से छुटकारा पा जाता है और भयभीत हो तो भय से मुक्त हो जाता है। इन सौ नामों का उच्चारण करके जो विद्वान उतने ही फूलों द्वारा भगवान शिव की पूजा करता है और सौ बार उन्हें प्रणाम करता है, वह सब पातकों से मुक्त हो जाता है। ये सौ लिंग, सौ इनके उपासक और सौ इन लिंगों के नाम ये सभी सम्पूर्ण दोषों का नाश करने वाले माने गये हैं।
